पश्चिम बंगाल की चुनावी हिंसा पर चुनाव आयोग सख्त 48 घंटे पहले प्रचार होगा बंद

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर चुनाव आयोग ने कड़ा फैसला लिया है। निर्धारित समय से एक दिन पूर्व ही चुनाव प्रचार पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। लोकसभा के अंतिम और सातवें चरण में 19 मई को मतदान होना है। उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार का कहना है कि यह पहली बार होगा जब आयोग ने संविधान की धारा 324 का प्रयोग करते हुए निर्धारित समय से पहले ही रात 10 बजे गुरुवार को ही प्रचार बंद करने का आदेश दिया है। नियम ये है कि चुनाव से 24 घंटे पहले प्रचार का शोरगुल बंद होता है मगर कोलकाता में हुई चुनावी हिंसा के कारण आयोग ने 48 घंटे पहले ही विराम लगा दिया।
लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हो रही जमकर हिंसा पर चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में चुनाव प्रचार पर 16 तारीख को ही रोक लग जाएगी। चुनाव आयोग के नियमानुसार चुनाव प्रचार 17 तारीख को शाम 5 बजे बंद होना था मगर अब ये 16 मई को ही रात 10 बजे बंद हो जाएगा।

अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल के नौ संसदीय क्षेत्रों दमदम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, दक्षिण और उत्तरी कोलकाता में चुनाव प्रचार 17 मई की जगह 16 मई को ही बंद हो जाएगा। शांतिपूर्ण चुनाव को लेकर ये निर्णय लिया जाएगा। ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के साथ की गई बर्बरता पर भी चुनाव आयोग सख्त है। उम्मीद है कि राज्य प्रशासन द्वारा ऐसा करने वालों का पता लगाया जाएगा।
इसके अलावा एडीजी सीआईडी राजीव कुमार को गृह मंत्रालय भेज दिया है। उन्हें सबुह 10 बजे गृह मंत्रालय में रिपोर्ट करना है। प्रिंसिपल सेक्रटरी और गृह सचिव को भी हटा दिया गया है। मुख्य सचिव गृह विभाग की देखभाल करेंगे। 19 मई को बांकी बचे राज्यों की 59 सीटों पर चुनाव होना है।

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